उज्जवल पाटनी के 10 अनमोल विचार

डा0 उज्जवल पाटनी मशहूर लेखक, मोटीवेशनल स्पीकर और ट्रैनर है। इण्टरनेशल लेवल पर सौ शहरो मे दस लाख से ज्यादा लोग उनके सेमीनारों मे हिस्सा ले चुके है। डा0 पाटनी को वर्ष 2014 में ‘टाॅप 10 ग्लोबल इंडियन थिंकर्स में शामिल किया गया था। डा0 उज्जवल पाटनी को भारत के शीर्ष टीवी चैनलो व समाचार पत्रों मे लगातार फीचर किया जाता है। डा0 उज्जवल पाटनी अब तक कई प्रतिष्ठित पुरूस्कार जीत चुके हैं।

1. लोग डूबते हैं तो, समंदर को दोष देते हैं,
मंजिल ना मिले तो, मुकद्द को दोष देते हैं,
खुद तो चलते नही, संभलकर अक्सर
जब लगती है चोट, पत्थर को दोष देते हैं

2. किसी से भी कुछ मांगने से मत हिचकिचाओ,
किसी से प्रेरणा मांगो, किसी से अवसर मांगो,

याद रखो, दुनिया मे किसी की हैसियत
‘नही’ बोलने से ज्यादा की नही होती

और कोई ना मिलते तो ऊपरवाले से मांगो
फरियाद मे दम होगा तो उसे भी सुनना पडेगा।

3. यदि आप मेरे पास आकर
किसी और की बुराई करते हैं,
तो मुझे कोई संदेह नही कि आप
दूसरे पास जाकर मेरी भी बुराई करते होंगे।

4. मैं आंधियो से क्यों डंरू
जब मेरे अन्दर ही तूफान है
मैं गीदडो से क्यों मिलूं
जब शेरो से मेरी पहचान है

5. मुश्किल राहें भी आसान हो जाती हैं,
अनजानी राहों पर भी पहचान हो जाती है,
जो मुस्कराकर करते है, मुश्किलो का समाना
किस्मत खुद-ब-खुद उनकी गुलाम हो जाती है।

6. ठण्डा तवा रोटी नही सेक सकता
बुझी मोमबत्ती रोशनी नही दे सकती
नकरात्मक आदमी कभी हौसला नही दे सकता
इनसे जितना दूर रहो, उतना ही अच्छा होगा।

7. खुश्बू बनकर गुलों से उडा करते हैं,
धुंआ बनकर पर्वतों से उडा करते हैं,
ये कैंचिया खाक हमें, उडने से रोकेंगी
हम परों से नही, हौंसलो से उडा करते हैं।

8. जिस प्रकार हम बीमारी मीठी गोली से ठीक नही होती इंजेक्शन लगाना पडता है,
उसी तरह जीवन और करियर मे कई बार कडे और तकलीफ देह निर्णय लेने पडते हैं।

9. हर इंसान दिल का बुरा नही होता,
हर उठता हाथ दुआ का नही होता,
बुझ जाते हैं दिये, अक्सर अपनी कमियों से,
हर बार कसूर हवा का नही होता।

10. कोई कार्य सफल हो तो जश्न मनाइये,
असफल हो तो उदास होइए
लेकिन कहीं रूकिये मत,
अगले पडाव के तेज गति से बढते रहिये
रूकना मृत्यु है और चलना जिन्दगी है।