इमरान प्रतापगढी का जीवन परिचय

जब हिन्दी और उर्दू के शायरों का नाम लिया जाता है तो एक नाम जरूर जहन मे आता है। वो नाम है इमरान प्रतापगढी। हिन्दी और उर्दू की शायरी मे एक नया मुकाम हासिल कर चुके इमरान प्रतापगढी अपनी कौम के लोगें के यूथ आइकन भी हैं। अपनी शायरी व गजलों से सरकार को आयना दिखाने मे माहिर इमरान प्रतापगढी दिन व दिन लोकप्रिय होते जा रहे हैं। आइये जानते हैं इमरान प्रतापगढी के बारें में।

इमरान प्रतापगढी का जीवन परिचय (Imran Prtapgarhi Biography)

6 अगस्त 1987 को प्रतापगढ मे जन्मे इस शायर का वा​स्तविक नाम मौहम्मद इमरान खॉन हैं। जैसे ज्यादातर शायर अपने नाम के पीछे अपने शहर का नाम लगाते हैं ठीक वैसे ही इमरान खॉन भी प्रतापगढ के नाम को अपने नाम के साथ लगाते हैं। इमरान के पिता मोहम्मद इलियास खॉन पेशे से डॉक्टर हैं और मॉ एक ग्रहणी हैं।

इमरान प्रतापगढी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिन्दी की पढाई की है। इलियास को बचपन से ही साहित्य मे रूचि थी। इमरान प्रतापगढी को हिन्दी और उर्दू दोनो में भाषाओं का अच्छा ज्ञान हैं। इमरान के परिवार को नाता साहित्य से दूर—दूर तक नही था। लेकिन इमरान की साहित्य के प्रति दीवानगी ने उन्हे आज देश के चुनिन्दा बडो शायरों में शामिल कर दिया है। आज इमरान देश ही नही विदेशो में भी आयोजित ​कवि सम्मेलन और मुशायरों में हिस्सा लेते हैं। अपनी पढाई के शुरूआती दौर मे ही वे अवधि के कवि स्व0 आद्याप्रसाद मिश्र उनमत के सम्पर्क मे आये जिससे साहित्य में उनकी रूचि बढी। इसके बाद प्रसिध्द साहित्यकार लाल बहादुर सिंह के मार्गदर्शन मे उन्होने अपने साहित्यिक सफर को आगे बढाया। इमरान प्रतापगढी ने 28 वर्ष की उम्र मे ही वो नाम हासिल कर लिया जिसे पाने के लिये कई साहित्यकारों को सदिया लग गई। सन 2016 में उत्तर प्रदेश सरकार ने इमरान प्रतापगढी को यश भारती पुरूस्कार से सम्मानित किया।

इमरान प्रतापगढी ने अपने मंचो से सत्ता को आयना दिखाया। वो इस समाज के जरूरी मुद्दों के अपनी शायरी के जरिये जनता तक और सरकार तक पहुॅचाते हैं। इमरान प्रतापगढी की लोकप्रियता एक दम से बढ गई और इमरान उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज के युवाओं के आदर्श बन गये। आज इमरान की लोकप्रियता का अन्दाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया पर उनके लाखों प्रशंसक हैं और कई फैन पेज बने हैं। यूटयूब पर भी इमरान प्रतापगढी की वीडियों को लाखों बार देखा जा चुका है।

साहित्य के मंचो से कई कवि, शायर राजनीति गलियारों तक पहुॅचे हैं। इमरान प्रतापगढी भी अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक गलियारों तक पहुॅच चुके हैं। वर्ष 2017 में यह चर्चा चली कि वे अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी से राज्यसभा जा सकते हैं। इमरान प्रतापगढी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं। राजनीतिक पार्टिया चुनावी रैलियों मे भीड जुटाने के लिये इमरान प्रतापगढी का सहारा लेने लगी हैं। 2018 के चुनावों मे इमरान प्रतापगढी ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इमरान प्रतापगढी देश की जनता की आवाज बन कर उभरे हैं, चाहे फिर वो नोटबन्दी पर मोदी सरकार को आढे हाथों लेना हो या फिर कशमीर के कठुआ मे हुये नाबालिग बलात्कार पर केन्द्र सरकार की घेराबन्दी हो।

इमरान प्रतापगढी की कुछ प्रसिध्द रचनाऐं

वो काली कमाई छुपाता है, हाथों की सफाई छुपाता है,,
दावा है मसीहाई का मगर, खुद अपनी लुगाई छुपाता है !!
मीडिया ने जो गढ़ रक्खा है,उस झूटी शान का क्या होगा !!
जो बीबी का ना हो पाया, वो हिन्दोस्तान का क्या होगा ??

हमने उसके जिस्म को फूलों की वादी कह दिया।
इस जरा सी बात पर हमको फंसादी कह दिया,
हमने अकबर बनकर जोधा से मोहब्बत की।
मगर सिरफिरे लोगों ने हमको लव जिहादी कह दिया |