इंद्रकुमार गुजराल का जीवन परिचय

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने वाले इंद्र कुमार गुजराल भारत के 13वें प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री बनने से पहले वे संचारमंत्री, संसदीय कार्यमंत्री, सूचना प्रसारण मंत्री, विदेश मंत्री और आवास मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उन्होने पत्रकार के रूप में भी काम किया था।

इंद्रकुमार गुजराल का जीवन परिचय

इंद्र कुमार गुजराल का जन्म 4 दिसम्बर 1919 को झेलम, अविभाजित पंजाब में हुआ था। इनके पिता का नाम निरंजन गुजराल और मां का नाम पुष्पा गुजराल था। इंद्र कुमार गुजराल का परिवार स्वतंत्रता सेनानियों का परिवार रहा है। उनके पिता भी स्वतंत्रता की लडाई में जेल गये थे। इंद्र कुमार गुजराल ने अपनी प्राथमिक शिक्षा उनके कस्बे मे ही पूरी हुई और आगे की पढाई फोरमैन क्रिश्चिन कॉलेज और हैली कॉलेज आफ कॉमर्स से पूरी की। 26 मई 1945 को उनका विवाह शीला भसीन से हुआ।

इंद्र कुमार गुजराल युवावस्था में ही आजादी की लडाई में सक्रिय भूमिका निभाने लगे थे। 1942 के भारत छोडो आंदोलन में जेल भी गये। इंद्र कुमार गुजराल ने राजनीति की शुरूआत कॉलेज के दिनों से ही शुरू कर दी थी। वे लाहौर छात्रसंघ के अध्यक्ष भी बनें। कुछ समय के लिये इंद्र कुमार गुजराल कम्यूनिस्ट पार्टी का भी हिस्सा रहे। इंद्र कुमार गुजराल इंदिरा गांधी के करीबी नेताओं में माने जाते थे। इंदिरा गांधी की सरकार के दौरान इंद्र कुमार गुजराल ने कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। 1976 से 1980 तक उन्होने सोवियत संघ में भारतीय राजदूत के तौर पर काम किया। 1980 में गुजराल कांग्रेस छोड कर दल में शामिल हो गये और जब वीपी सिंह की सरकार बनी तो इंद्र कुमार गुजराल विदेश मंत्री बनें। उसके बाद एचडी देवगौडा की सरकार में भी उन्होने विदेशमंत्री के रूप में कार्य किया। 1997 में जब एचडी देवगौडा सरकार के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के समर्थन से 21 अप्रैल का देश के नये प्रधानमंत्री के रूप में इंद्रकुमार गुजराल का चुना गया। इंद्र कुमार गुजराल ने 78 वर्ष की आयु में देश के 13 वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। नम्बबर 1997 में कांग्रेस ने गुजराल की सरकार से समर्थन वापस ले लिया। 4 दिसम्बर को राष्ट्रपति के आर नारायणन ने लोकसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया। गुजराल की सरकार गिर गई लेकिन अगले चुनावों तक वे प्रधानमंत्री बने रहे। 19 मार्च 1998 को उन्होने अपने पद से त्याग पत्र दिया और चुनाव में जीत कर आई भारतीय जनता पार्टी के नेता अटल बिहारी बाजपेयी ने प्रधानमंत्री पद के दायित्व को संभाला।

देश के प्रधानमंत्री के रूप में इंद्र कुमार गुजराल ने बहुत ही सराहनीय कार्य किये। उन्होने पाकिस्तान के साथ सम्बंध सुधारने के लिये महत्वपूर्ण कदम उठाये। आर्थिक संकट झेल रहे देश में आर्थिक विकास के लिये कई सकरात्मक योजनाऐं बनाईं। इंद्र कुमार गुजराल ने मुख्य रूप से नौकरशाहों पर अंकुश लगाने का कार्य किया। वह अपने जीवन में पूर्णत: ईमानदार और दायित्व के प्रति समर्पित रहे।

इंद्र कुमार गुजराल का निधन

अपने जीवन के आखिरी दिनों में इंद्र कुमार गुजराल के फेंफडो में संक्रमण हो गया था जिसके कारण 19 नबम्बर 2012 में उन्हे अस्पताल में भर्ती कराया गया। 30 नवम्बर 2012 में इंद्र कुमार गुजराल की मृत्यु हो गयी।