पौधों और जन्तुओं की उपयोगिता और परस्पर सम्बन्ध

हमारे पर्यावरण में अनेक प्रकार के पेड—पौधे और जीव—जन्तु पाये जाते हैं। जो कि विभिन्न प्रकार से हमारे लिये उपयोगी होते हैं। पेड—पौधे और जीव जन्तु दोनो ही मानव जीवन के लिये आवश्यक हैं और उनसे मानव अपनी जरूरतें पूरी करते हैं। पेड—पौधे और जन्तुओं की उपयोगिता का ​वर्गीकरण निम्न प्रकार से किया जा सकता है।

पेड—पौधों की उपयोगिता

श्वसन :— पेड—पौधे कार्बन डाई आक्साइड को ग्रहण करते हैं और आक्सीजन गैस को बाहर निकालते हैं। जिससे पर्यावरण शुध्द रहता है।

भोजन :— पेड पौधों से मनुष्य के भोजन की पूर्ति होती है। जैसे अनाज, फल, सब्जियां, तेल, मसाले, आदि हमें पेड—पौधों से ही प्राप्त होता है।

आवास :— घर बनाने के लिये इमारती लकडी, बांस, फर्नीचर आदि पेड—पौधों से प्राप्त होता है।

स्वास्थ्य :— स्वास्थ्य सम्बन्धी जरूरतें भी पेड पौधो से पूरी की जाती हैं। जैसे जडी बूटियां, स्वास्थ्य के लिये उपयोगी फल, पेय पदार्थ जैसे जूस आदि भी पेड—पौधों से प्राप्त किया जाता है। औषधीय जरूरतें जैसे तुलसी, आंवला, नीम, गिलोय आदि पेड—पौधों से पूरी की जाती हैं।

उद्योग :— कागज, लकडी, रंग आदि पेड—पौधों से प्राप्त होते हैं।

श्रंगार :— इत्र, फूल, आदि

जन्तुओं की उपयोगिताऐं

भोजन :— मांस, दूध, अण्डे आदि जन्तुओं से प्राप्त किये जाते हैं।

सुरक्षा :— घर की सुरक्षा के लिये कुत्ता, सवारी व बोझा ढोने के लिये गधा, घोडा, खच्चर व ऊंट आदि तथा कृषि कार्यों के लिये बैल, भैंसा आदि की जरूरत होती है।

वस्त्र व जूते :— ऊनी, रेशमी कपडे, चमडा आदि की जरूरतें जन्तुओं से पूरी की जाती हैं।

पौधों और जीव—जन्तुओं की परस्पर निर्भरता

सभी जीव—जन्तु भोजन के लिये पेड—पौधों पर निर्भर रहते हैं। यदि पौधे न हों तो किसी को भोजन नही मिलेगा। अगर पेड—पौधों की संख्या कम होगी तो भोजन के लिये काफी संघर्ष करना होगा।

पौधों के नष्ट होने या उनकी संख्या कम होने से पर्यावरणीय सन्तुलन बिगड जाता है। जन्तुओं के लिये पौधों द्वारा निकाली गई आक्सीजन सांस लेने के लिये जरूरी होती हैं वहीं जीव—जन्तुओं के द्वारा निकाली गई कार्बनडाइ आक्साइड पौधों के भोजन निमार्ण में सहायक होती है।

इस प्रकार पेड—पौधे और जीव—जन्तु एक दूसरे पर निर्भर रहते हैं। पौधों के बिना जन्तु और जन्तुओं के बिना पौधे जीवित नही रह सकते।