आज का दौर ब्लॉगिंग का दौर है। जिसे देखो वो ​ब्लॉग लिख रहा है क्या नेता क्या अभिनेता, सभी के अपने अपने ब्लॉग हैं। ब्लॉग दुनिया के बीच मे अपनी बातों को रखने का एक साधन हैं। जिसके जरिये हम ज्यादा से ज्यादा लोगो को अपने विचार, लेख, जानकारियॉ व अन्य सामग्रिया इण्टरनेट के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगो के बीच तक पहुॅचा सकते है। पहले ब्लॉग का मतलब एक आॅनलाइन डायरी से हुआ करता था जिसके जिसके जरिये हम अपने मन की बात इण्टरनेट पर सहेजते थे और लोगो के ​लिये उस डायरी को उपलब्ध कराते थे लेकिन आज के दौर मे ब्लॉगिंग का अर्थ एक दम बदल गया है। आज ब्लॉग से जानकारियो, सूचनाओ को लोगो तक पहुॅचाने का काम किया जाता है। दरअसल ब्लॉग एक आॅनलाइन वेबसाइट ही होते है। जिन्हे उनके लेखको द्वारा समय समय पर अपडेट किया जाता है जिससे उनके द्वारा अपडेट की गई पुरानी जानकारियॉ नीचे चली जाती है और नई जानकारियॉ ऊपर आ जाती है। वास्तव मे यह किसी डायरी की तरह होता है। किसी भी ब्लॉग मे लेख, फोटो और लिंक होते है जिसके जरिये हम ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकटठी कर सकते है। ब्लॉग सामान्य भी होते है और विशेष भी। ब्लॉग को हिन्दी मे चिटठा कहा जाता है जो कि सामान्यत: चिटठी से ही सम्बन्धित है वही ब्लॉग को लिखने वाले को ब्लॉगर (चिटठाकार) कहा जाता है।

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ब्लॉग अंग्रेजी शब्द वेबलॉग का सूक्ष्म शब्द है। जो बाद मे ब्लॉग के नाम से मशहूर हो गया और आज यही शब्द प्रचलन मे हैं। हमारे देश मे शुरू से ही डायरी लिखने की परम्परा रही है। सभी महापुरूष अपने विचार, अनुभव किसी डायरी, किताबो या पत्रो के जरिये लिखते थे जिन्हे हम आज भी पढ सकते है, पर जैसे जैसे इण्टरनेट का युग आता गया ये डायरी किताब और पत्र भी आॅनलाइन होते गये। आज लोगो के बीच अपने विचार, अनुभव, जानकारियॉ शेयर करने के लिये ब्लॉग एक अच्छा रास्ता है। ब्लॉग का एक सीधा सम्बन्ध सोशल मीडिया से भी है या ये भी कह सकते है कि ब्लॉगिंग सोशल मीडिया का ही एक हिस्सा है। भारत मे ब्लॉगिंग की शुरूआत काफी पहले से हो चुकी है, अगर हिन्दी ब्लॉगिंग की बात करे तो हिन्दी का सबसे पहला ब्लॉग आलोक कुमार ने बनाया था, और ब्लॉग को हिन्दी नाम चिटठा भी उन्ही के द्वारा दिया गया था। हिन्दी का पहला ब्लॉग नौ और दो ग्यारह था।

ब्लॉग कैसे बनाया जाता है

ब्लॉग इण्टरनेट की मदद से बनाया जाता है। इण्टरनेट पर ऐसे कई आसान विकल्प मौजूद है जिनकी मदद से आसानी से बिना किसी खास तकनीकि जानकारी के ब्लॉग बनाया जा सकता है।आजकल माइक्रो ब्लॉगिंग भी चर्चा मे है जिससे कम शब्दो मे गहरी बात कही जाती है। ब्लॉग का सारा डेटा इण्टरनेट पर ही मौजूद रहता है जिसे ब्लॉगर सार्वजनिक कर सकता है, या फिर प्राइवेट भी रख सकता है। ब्लॉगर चाहे तो सिर्फ वही लोग ब्लॉग को पढ सकते है जिन्हे ब्लॉगर द्वारा अनुमति दी जाये। ज्यादातर ब्लॉग सभी के लिये उपलब्ध है जिन्हे किसी एक आम वेबसाइट की तरह ही पढा व देखा जा सकता है।

ब्लॉग कितने प्रकार के होते है

ब्लॉग कई प्रकार के होते है। जिनमे से कुछ हम आपको उदाहरण स्वरूप बता रहे है।

1. डायरीनुमा ब्लॉग— कुछ ब्लॉग डायरीनुमा होते है जिनमे लोग अपनी रोज की दिनचर्या, मन की बाते और फोटो आदि शेयर करते है, ऐसे ब्लॉग नेता, फिल्म अभिनेता, बिजनेस टाइकून ज्यादा इस्तेमाल करते है आम लोग इस तरह के ब्लॉग नही बनाते है इससे ज्यादा व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक आदि का इस्तेमाल करना ज्यादा पसन्द करते है, क्योंकि ब्लॉग चलाना थोडा खर्चीला होता है जबकि फेसबुक, टिवटर आदि फ्री मे इस्तेमाल किये जा सकते हैं।

2. जानकारी वाले ब्लॉग— आजकल ऐसे ब्लॉग की भरमार है। आप किसी भी विषय पर जानकारी चाहिये आपको उस विषय पर ब्लॉग अवश्य मिल जाऐगा। जिन लोगो के पास जानकारियॉ है वे ब्लॉग के जरिये जानकारियॉ शेयर करते है। आपको स्वास्थ्य, तकनीकि, ज्ञान—विज्ञान, फिल्म समीक्षा, कहानियॉ आदि किसी भी विषय पर ब्लॉग मिल जाऐगे।

3. न्यूज ब्लॉग— न्यूज वेबसाइट भी एक प्रकार से ब्लॉग ही होती है। जहॉ पर रोजाना नई—नई खबरे आपको पढने को मिल जाती है। आज प्रत्येक न्यूज ऐजेन्सी, समाचार पत्र, पत्रिका, न्यूज चैनल अपनी न्यूज वेबसाइट चलाते है लेकिन वास्तव मे यह एक ब्लॉग ही होते है।

ब्लॉग को अकेले, समूह द्वारा भी चलाया जाता है जिनके कई उद्देश्य होते हैं जैसे लगभग सभी बडी कम्पनियॉ ब्लॉग चलाती है जिनमे व समय समय पर कम्पनी की ऐसी सूचनाओं को शेयर करते है जिनकी जानकारी आम लोगो को होनी चाहिये। कुछ लोग समूह बनाकर भी ब्लॉग चलाते है जिनमे एक से ज्यादा लेखक होते है जो अलग अलग विषयों पर लेख लिखते है जबकि ब्लॉग एक ही होता है।

पब्लिक ब्लॉग क्या होता है

पब्लिक ब्लॉग वो होते है जिन्हे कोई भी व्यक्ति इण्टरनेट की मदद से आसानी से पढ सकता है। ये ब्लॉग सब के लिये उपलब्ध होते है। इनमे उपलब्ध होने वाली जानकारियॉ लाभप्रद होती है।

प्राइवेट ब्लॉग क्या होते है

प्राइवेट ब्लॉग ऐसे ब्लॉग होते है जिन्हे प्रत्येक व्यक्ति नही पढ सकता। सिर्फ वही व्यक्ति इन्हे पढ सकता है जिनको पढने के लिये इस ब्लॉग के लेखक/मालिक द्वारा उसको परमिशन दी जाती है। इस तरह के ब्लॉग कम्पनियॉ अपने कर्मचारियो के लिये बनाती है जिससे सिर्फ उनके कर्मचारी ही उनके ब्लॉग को पढ सकते है, या फिर बडे ब्लॉगर ऐसे ब्लॉग बनाते है जो एक तय फीस के बदले उनके ब्लॉग को पढने की अनुमति देते है।

सीक्रेट ब्लॉग क्या होता है

ऐसा ब्लॉग जिसे ब्लॉग स्वयं ही पढना चाहता है। वो सिर्फ अपनी जानकारियों को इण्टरनेट पर सहेजना चाहता है लेकिन वो नही चाहता कि कोई भी उसके ब्लॉग के बारे मे जाने या ब्लॉग को पढे। ऐसे ब्लॉग सीक्रेट ब्लॉग होते है।

सामूहिक ब्लॉग क्या होता है

ऐसा ब्लॉग जिसे एक से ज्यादा व्यक्ति मिलकर लिखते है वो ब्लॉग सामूहिक ब्लॉग होता है। इस ब्लॉग पर अलग अलग व्यक्ति अलग अलग विषयों, मुद्दों पर लिखते है।

तेजी से बढ रहे है हिन्दी ब्लॉगर

आज के दौर मे इण्टरनेट पर हिन्दी यूजर्स बढ रहे है, इसी वजह से हिन्दी ब्लॉगर्स भी तेजी से बढ रहे हैं। पहले जो जानकारियॉ सिर्फ अंग्रेजी मे ही उपलब्ध हुआ करती थी, हिन्दी ब्लॉगर्स की वजह से अब वे जानकारियॉ हिन्दी मे भी उपलब्ध है। मौजूदा दौर मे ब्लॉग का अर्थ डायरी से कम है बल्कि जानकारियो के खजाने से ज्यादा है। आज ब्लॉग का अर्थ बदल चुका है।

ब्लॉगिंग मे पैसा भी

कुछ समय पूर्व तक ब्लॉग सिर्फ एक शौक हुआ करती थी। लेकिन आज ब्लॉगिंग करियर बन कर उभरी है। जब से इण्टरनेट मे डिजीटल मार्केटिंग का दौर शुरू हुआ तब से ब्लॉगिंग भी एक व्यापार बन गया है। आज ब्लॉग के जरिये से हजारो, लाखों रूपये कमाऐ जा सकते है। ये सब डिजीटल मार्केटिंग की वजह से सम्भव है। आज जिसके ब्लॉग को पढने वाले यूजर्स ज्यादा है उसकी कमाई उतनी ही ज्यादा है। यह एक मुख्य वजह है जिसके कारण ब्लॉगर्स तेजी से बढ रहे हैं।

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