अगर आपके पास बैंक खाता है तो आपने चेक और चेकबुक के बारे में जरूर सुना होगा। चेक एक कागज का टुकडा होता है लेकिन इसे आपके हस्ताक्षर के साथ बेहद कीमती बनाया जा सकता है। आईये जानते हैं कि चेक और चेकबुक क्या होते हैं।

चेक क्या होता है

चेक एक कागज का फाॅर्म होता है जिसपर आपके खाते की जानकारी होती है। आप उस चेक पर जितनी संख्या में चाहो अमाउण्ट भर सकते हो। जितना अमाउण्ट आपने चेक पर भरा है उस चेक की वैल्यू भी उतनी ही हो जाऐगी। लेकिन वो अमाउण्ट आपके खाते मंे भी होना चाहिये।

चेक का इस्तेमाल थर्डपार्टी पेमेन्ट के लिये किया जाता है। मान लीजिये अगर आप को किसी को 10 हजार रूपये का भुगतान करना हैं और आप के पास नकदी नही हैं तो आप उसे 10 हजार रूपये का अमाउण्ट चेक में भर कर दे सकते हो। वह व्यक्ति उस चेक को बैंक में दे देगा बदले में बैंक उसे 10 हजार रूपये नकद या सीधे उसके खाते में ट्रान्सफर कर देगी और आपके खाते से वो पैसे काट लेगी।

ज्यादातर बडे पेमेन्ट के लिये चेक का इस्तेमाल किया जाता है। चेक का इस्तेमाल बिजनिस उद्देष्य से किया जाता है।
चेकबुक क्या होती है
नाम से ही स्पष्ट है कि चेकबुक क्या होती है। चेकबुक एक किताब की तरह होती है जिसमें कई सारे चेक रूपी पन्ने होते हैं। बैंक चेकबुक जारी करने के बदले में कुछ चार्ज लेती है। अलग अलग बैंक अलग अलग चार्ज करती हैं।

चेकबुक कैसे प्राप्त करते हैं

बैंक में खाता खोलते समय एकाउण्ट ओपनिंग फाॅर्म पर ही चेकबुक का विकल्‍प होता है। अगर आप फाॅर्म में ही चेकबुक लेने के लिये लिखते हैं तो खाता खोलते समय ही आपको चेकबुक जारी कर दी जाती है। वहीं आप बाद में भी चेकबुक के लिये एप्पलीकेशन देकर चेकबुक जारी करवा सकते हो। अगर आपके पास इण्टरनेट बैंकिंग है तो आप खुद ही चेकबुक जारी कर सकते हो। इसके अलावा डेबिट कार्ड से भी चेकबुक जारी कराने के लिये रिक्वेस्ट डाल सकते हो।

चेक कितने प्रकार के होते हैंः-

चेक मुख्यत कई प्रकार के होते हैं। इन्ही तीन प्रकार के चेकों का अलग अलग वर्गीकरण कर दिया जाता है। आइये जानते हैं चेकों के प्रकार और वर्गीकरण

साधारण या धारक चेक

ये चेक सामान्य चेक होता है जिस पर धारक का नाम और धनराशि लिखकर जारी कर दिया जाता है। इस चेक के जरिये सीधे ब्रान्च में कैश काउण्टर पर जाकर धनराषि प्राप्त कर सकता है या फिर अपने बैंक खाते मंे धनराशि जमा करवा सकता है। ऐसे चेक के लिये धारक को कोई भी आईडी प्रूफ बैंक व हस्ताक्षर बैंक को नही देने होते हैं। यह चेक थोडा जोखिम भरा होता है अगर धारक से वो चेक गिर जाऐ और किसी अन्य को मिल जाऐ तो वह भी उस चेक से भुगतान ले सकता है। ये चेक एक प्रकार से नोट की तरह होता है।

क्राॅस्ड चेक या अकाउण्ट पेयी चेेक

इस चेक के ऊपर बाईं और दो सामान्तर रेखाऐं खीच दी जाती हैं और उसके बीच में अकाउण्ट पे ओनली लिख दिया जाता है। इस प्रकार के चेक का भुगतान धारक के बैंक खाते में रकम ट्रान्सफर करके ही किया जा सकता है। इस चेक का धारक उसी व्यक्ति को माना जाऐगा जिसका नाम चेकर पर लिखा है। अगर किसी अवस्था में चेक खो जाता है और किसी अन्य को वह चेक मिल जाता है तो वो चेक उसके लिये किसी काम का नही हैं।

कैंसिल्ड चैक

अगर खाताधारक किसी चेक के बीच में दो लाइन खीच कर उस पर कैंसल्ड लिख दे तो वह कैंस्लिड चेक कहलाता है। इस चेक का इस्तेमाल केवल अकाउण्ट इन्फाॅर्मेषन जानने के लिये किया जाता है। इस चेक से लेन-देन नही हो सकता है।

चैंकों का वर्गीकरणः-

स्थानीय या लोकल चेक
इन चेकों एक ही श्‍ाहर की सम्बधित ब्रान्च से भुनाया जा सकता है। मान लीजिये अगर कोई व्यक्ति आगरा रहता है और उसने आपको चेक दिया तो आप आगरा में ही इस चेक का भुगतान ले सकते हैं। किसी अन्य शहर में नहीं।

मल्टीसिटी चेक
ये चेक मल्टीसिटी चेक होता है। इस चेक के जरिये सम्बन्धित बैंक की किसी भी शहर में मौजूद ब्रान्च से पैसा निकाले जा सकते हैं।

चेक बाउन्स क्या होता है

जब कोई खाताधारक किसी को चेक जारी करता है लेकिन खाता धारक के बैंक अकाउण्ट में पैसे नही होते ऐसी स्थिति में यदि चेक धारक बैंक को भुगतान के लिये चेक देता है तो उस चेक को बाउंस मान लिया जाता है। चेक बाउंस होने की स्थिति में खाताधारक को पेनल्टी देनी पडती है वहीं अगर लगातार चेक बाउंस हो रहे हैं तो धोखाधडी का मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। वहीं लगातार चेक बाउंस होने से आपका सिविल स्कोर भी खराब होता है जिससे आपको लोन लेने में भी दिक्कत आती हैं।

चेक के फायदे

1. चेक द्वारा भुगतान से कैषलैस लेन-देन को बढाबा मिलता है।
2. चेक द्वारा भुगतान एक सुरक्षित प्रक्रिया है। प्रत्येक लेन-देन का रिकाॅर्ड होता है।
3. बडे बडे लेन-देन चेक द्वारा आसानी से किये जा सकते हैं क्योंकि ज्यादा तादाद में नकदी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना मुष्किल भरा होता है।

चेक के नुकसान

1. चेक खो जाने पर कोई भी व्यक्ति आपके खाते से पैसे निकाल सकता है (यदि वो चेक साधारण चेक है तो)
2. यदि कोई व्यक्ति आपके जैसे हस्ताक्षर बना सकता है और उसके पास आपकी चेकबुक है तो वह आसानी से बैंक में जमा आपके पैसे पर हाथ साफ कर सकता है।
3. चेक बुक पर एक षुल्क लिया जाता है वहीं चेक बाउंस होने पर आपको पेनल्टी भी देनी पड सकती है।

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