जांइट अकाउण्ट क्या होता है।

अगर आप बैंक में खाता खोलने जा रहे हो और आप चाहते हो कि आपके खाते को आपके परिवार का कोई अन्य सदस्य (माॅ-पिता, पति/पत्नी, भाई/बहन या बच्चे), दोस्त या आपका बिजनिस पार्टनर आदि भी संचालित कर सके तो आप ज्वाइंट अकाउण्ट (Joint Account) खुलवा सकते हो। आइये जानते हैं कि ज्वाइन्ट अकाउण्ट क्या होता है और कैसे काम करता है।

ज्वाइन्ट अकाउण्ट क्या होता है

ज्वाइण्ट अकाउण्ट (Joint Account) को हिन्दी में संयुक्त खाता कहते हैं। ज्वाइन्ट अकाउण्ट एक खाते का प्रकार होता है। ये बचत खाता या चालू खाता हो सकता है। ज्वाइन्ट अकाउण्ट (Joint Account) सामान्य बचत खाते या चालू खाता ही होता है। लेकिन अगर एक से ज्यादा लोग एक ही खाते को संचालित करना चाहते हैं तो वे ज्वाइंट अकाउण्ट खुलवाते हैं। आरबीआई के नियम के अनुसार किसी भी ज्वाइन्ट खाते को एक से ज्यादा खाताधारक इस्तेमाल कर सकते हैं। आरबीआई ने इसके लिये अधिकतम खाताधारकों की संख्या घोषित नही की है। इसलिये एक ही खाते को असीमित लोग संचालित कर सकते हैं। लेकिन बैंक स्वंय अपने स्तर पर एक खाते पर चार से ज्यादा अकाउण्ट होल्डर को नही जोडती है। इससे बैंक को अकाउण्ट मैनेज करनें में आसानी रहती है।

ज्यादातर पति-पत्नी अपना ज्वाइन्ट अकाउण्ट खुलवाते हैं जिससे वे दोनो उस खाते को संचालित कर सकें। वही बिजनिस पार्टनर भी ज्वाइंट अकाउण्ट खुलवाते हैं जिससे एक पार्टनर की अनुपस्थिति में कोई भी वित्तीय समस्या न आये। इसके अतिरिक्त माॅ-बाप भी अपने नाबालिग बच्चे के साथ ज्वाइंट अकाउण्ट खुलवाते हैं। ज्वाइंन्ट अकाउण्ट के जितने भी खाताधारक जुडे हैं वे इस खाते को संचालित कर सकते हैं। लेकिन इसमें प्रारम्भिक खाताधारक को कुछ ज्यादा सुविधाऐं दी जाती है।

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि ज्वाइंट अकाउण्ट वे खाते होते हैं जिन्हे एक से ज्यादा लोग संयुक्त रूप से संचालित करते हैं। ये मूलतः सामान्य बचत खाता, चालू खाता या अन्य प्रकार के खाते होते हैं। इन पर मिलने वाली अन्य बैंकिंग सुविधाऐं समान रहती हैं। ज्वाइन्ट खाते के लिये अलग से कोई भी लाभ नही मिलता है।

ज्वाइण्ट अकाउण्ट कैसे खुलवाऐं:-

आप नये सिरे से ज्वाइंण्ट अकाउण्ट खुलवा सकते हैं या फिर पहले से मौजूद अपने अकाउण्ट को भी ज्वाइण्ट अकाउण्ट में कन्वर्ट करवा सकते हैं। अगर आप नये सिरे ज्वाइन्ट अकाउण्ट के लिये आपको ब्रान्च में जाना होगा और अकाउण्ट ओपनिंग फाॅर्म माॅगना होगा। ज्यादातर बैंकों में ज्वाइन्ट अकाउण्ट खोलनें के लिये कोई अलग से फाॅर्म नही आता। साधारण अकाउण्ट ओपनिंग फाॅर्म पर ही ज्वाइन्ट अकाउण्ट खाते खोलने का विकल्प होता है। वहीं आप पहले से मौजूद खाते को ज्वाइण्ट अकाउण्ट में खुलवा रहे हैं तो आप बैंक को एक प्रार्थना पत्र देकर ऐसा कर सकते हैं। लेकिन अकाउण्ट ओपनिंग फाॅर्म आपको दोनो ही स्थिति में भरना होगा।

ज्वाइन्ट अकाउण्ट खोलनें के लिये सभी खाताधारकों के पहचान व पते के प्रमाण पत्र बैंक को देने होंगे, उसके अलावा सभी के फोटो और हस्ताक्षर भी बैंक को देने होंगे। वही सभी खाताधारकों की काॅन्टेक्ट डिटेल भी बैंक माॅगती है।

ज्वाइंण्ट अकाउण्ट में एक प्रारम्भिक सदस्य होता है। जिसे कई प्रकार की सुविधाऐं हासिल हैं वहीं खाते की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी भी इसकी खाताधारक की होती है। खाते में इस खाता धारक का नाम सबसे पहले लिखा जाता है। ज्वाइण्ट खाते में किसी भी प्रकार के निवेश करनें पर ब्याज व लाभांश आदि प्रारम्भिक खाताधारक के नाम से ही आता है। वहीं निवेश व अन्य खाताा से सम्बन्धी सूचना प्रारम्भिक खाता धारक को ही दी जाती है। वहीं इस पर लगने वाले टैक्स की जबाबदेही भी प्रारम्भिक खाताधारक की होती हैं।

ज्वाइन्ट अकाउण्ट चार प्रकार के होते हैं:-

1. ज्वाइंण्ट अकाउण्ट खुवलाते समय अगर आपने ये विकल्प चुना हैं तो इस स्थिति में सभी खाताधारक खाते को समान रूप से संचालित कर सकते हैं।
2. ज्वाइण्ट अकाउण्ट खुलवाते समय अगर आपने ये विकल्प चुना हैं तो इस स्थिति में ज्वाइंण्ट खात को केवल प्रारम्भिक खाताधारक ही संचालित कर सकता है।
3. इस प्रकार के खाते में दूसरा खाताधारक ही इस खाते को संचालित कर सकता है।
4. इस प्रकार के खाते उन खातों के लिये होते हैं जिनमें दो से ज्यादा खाताधारक होते हैं। इस विकल्प को चुनने के बाद सभी खाताधारक समान रूप से खाते को संचालित कर सकते हैं।

ज्वाइंट अकाउण्ट खुलवानें के फायदे:-

1. ज्वाइण्ट अकाउण्ट को एक से ज्यादा लोग संचालित कर सकते हैं। आपकी गैर मौजूदगी में कोई भी खाताधारक आपके बैंकिंग कार्य को निपटा सकता है।
2. पति-पत्नी का ज्वाइंट अकाउण्ट होने से पति-पत्नी दोनो ही वित्तीय जरूरतों को पूरा करपाते हैं।
3. बुजुर्ग व्यक्ति जो कि बैंक आने-जाने में असमर्थ हो उसके लिये ज्वाइण्ट अकाउण्ट काफी फायदेमंद होता है।
4. किसी एक खाताधारक की मृत्यु के बाद पैसा आसानी से बैंक से निकाला जा सकता है।

ज्वाइण्ट अकाउण्ट के नुकसान:-

1. ज्वाइंण्ट अकाउण्ट मेें लेन-देन को लेकर काफी दिक्कते आती हैं। कई बार ऐसी समस्याऐं सामने आती है कि एक खाताधारक ने पैसे जमा किये तो दूसरे खाताधारक ने पैसे निकाल कर खर्च कर लिये।
2. अगर किसी एक खाताधारक का कोई अलग से लोन चल रहा है और अगर वो वहाॅ डिफाॅल्ट करता है तो दूसरे खाताधारक का भी सिबिल स्कोर खराब हो जाता हैं। वही बैंक ज्वाइण्ट खाते से अपने पैसे की भरपाई कर लेती है।
3. कई बैंकिंग कार्य ऐसे होते हैं जिनके लिये सभी खाताधारकों की अनुमति होना जरूरी है लेकिन कई बार सहमति न बन पाने के कारण वो कार्य नही हो पाते।