मदर्स डे क्या होता है। मदर्स डे स्पेशल

बदलाव प्रकृति का नियम हैं, मौसम, वक्त, इंसान, माहौल यहां तक की दुनिया की हर चीज बदल जाती है लेकिन एक चीज है जो कभी नही बदलती है वो है मां का प्यार। मां चाहे इंसान हो या जानवर अपने बच्चे से असीमित प्यार करती है।

मां के प्यार को नापा या तौला नही जा सकता। बच्चा जब इस दुनियां में जन्म लेता है तो उसके सबसे ज्यादा करीब मां होती है। खुद का सबसे सुरक्षित वो मां के आंचल मे ही पाता है।

वैसे तो साल के सारे दिन अगर हम अपनी मां को समर्पित कर दें तो भी काफी नही होगा लेकिन साल में एक दिन ये दुनिया मां के नाम से मनाती है। इस दिन को मदर्स डे के नाम से जाना जाता है। मां को तोहफे दिये जाते हैं उनके प्रति प्यार का इजहार किया जाता है। इस बार मदर्स डे 12 मई को है। अलग अलग देशों में अलग अलग तारीखों पर खास मदर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है।

क्या होता है मदर्स डे

मदर्स डे मां को समर्पित एक दिन होता है जिस दिन पूरी दुनियां अपनी मां के प्रति अपने प्यार और सम्मान को जाहिर करती है। मां को स्पेशल फील कराया जाता है, उनको तोहफे दिये जाते हैं। हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। मदर्स डे मनाने के पीछे एक कहानी हैं। अमेरिका में रहने वाली एना जार्विस अपनी मां से बहुत प्यार करती थी। एना ने कभी शादी नही की। वे अपनी मां के बहुत करीब थी। उनकी मां ही उनकी दुनिया थी। एना की मां की मृत्यु के बाद एना ने इस दिन की शुरूआत की। धीरे—धीरे कई देश इस दिन को मदर्स डे के नाम से मनाने लगे।

9 मई 1914 को अमेरिका के प्रेसीडेंट वुड्रो विल्सन ने एक कानून पास किया जिसके मुताबिक मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे के नाम से मनाया जाता है। ​लॉ पास होने के बाद अमेरिका, भारत समेत दुनिया के कई देश इस दिन को मदर्स डे के नाम से मनाने लगे।

 

मां के नाम चिटठी।

मां, बहुत अर्सा हो गया है तुम्हे देखे हुये। तुम्हारे हाथ का खाना खाये हुये। तुम्हारे हाथ का बुना हुआ स्वेटर पहना हुऐ। मै जानता हूं मां कि आज तुम इस दुनियां मे नही हो लेकिन जब भी मैं किसी दुख मे होता हूं तो तुम्हे याद करता हूं। सोचता हूं कि अचानक से तुम आओगी और मुझे सीने से लगा लोगी।

मुझे याद है जब मैं तुमको परेशान करता था तो तुम गुस्सा करती थी। जब कभी मैं गुस्सा होता था तो तुम मुझे मनाती थी। मेरे सपनों को आपने ही तो पंख दिये थे। जब मेरी बातों को पूरी दुनियां मजाक समझती थी, झुठलाती थी तब तुम ही तो थी जो मेरे साथ खडी होती थी। तुम्हारी बाहों में पता नही कैसे दुनिया की सारी चिंता कहां गुम हो जाती थी। आज जब भी मैं तुम्हे याद करके रोता हूं तो तुम भी तो रोती होगी मां।

मां काश तुम मेरे साथ होती तो मैं इतना बैचेन न होता। मां तुम वापस आ जाओ, मुझे तुम्हारी बहुत जरूरत है।

चिडियों के चहकार में गूंजे राधा—मोहन, अली—अली
मुर्गे की आवाज से खुलती, घर की कुण्डी जैसी मां
—निदा फाजली

मां को समर्पित हिन्दी गानें

1-उसको नही देखा हमने कभी…..
फिल्म — दादी मां
संगीत — रवि
गायक — मौहम्मद रफी, महेंद्र कपूर

2-मेरी दुनियां हैं मां तेरे आंचल में…..
फिल्म — तलाश
संगीत — एसडी बर्मन
गायक — एसडी बर्मन

3-चंदा है तू मेरा सूरज है तू……
फिल्म — अराधना
संगीत — एसडी बर्मन
गायिका — लता मंगेशकर

4-मैने मां को देखा है…….
फिल्म — मस्ताना
संगीत — लक्ष्मीकांत प्यारे लाल
गायिका — लता मंगेशकर

5-बडा नटखट है ये…..
फिल्म — अमर प्रेम
संगीत — आरडी बर्मन
गायिका — लता मंगेशकर

6-खुशियों का दिन आया है…..
फिल्म — बेटा
संगीत — आनंद मिलिंद
गायिका — अनुराधा पौडवाल

7-तेरी उंगली पकड कर चला…..
फिल्म — लाडला
गायक — उदित नारायण, ज्योत्सना हार्दिकर

8-लुका छुप्पी बहुत हुई सामने आ जा न….
फिल्म— रंग दे बसंती
संगीत — एआर रहमान
गायक — एआर रहमान, लता मंगेशकर

9-मेरी मां…….
फिल्म — तारे जमीन पर
संगीत — शंकर, एहसान, लॉय
गायक — शंकर महादेवन

10-मेरी मां…..
फिल्म — यारियां
संगीत — प्रीतम
गायक — केके

11-ऐसा क्यों मां
फिल्म — नीरजा
संगीत — विशाल खुराना
गायिका — सुनिधि चौहान

12-तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है….
फिल्म — राजा और रंक
संगीत — लक्ष्मीकांत प्यारे लाल
गायिका — लता मंगेशकर