PoS Machine क्या होती है।

डिजीटल होते इस दौर मे जब कैशलैस पेमेंट की बात होती होती है तो पीओएस मशीन (POS Machine) का जिक्र जरूर होता है। आपको हर बडी दुकान, आॅफिस या अन्य बिजनिस प्वाइंट पर पीओएस मशीन मिल जाऐंगी। आइये जानते हैं कि पीओएस मशीन क्या होती है और ये कैसे काम करती है।

पीओएस मशीन (POS Machine) क्या होती है।

पीओएस मशीन एक मोबाइल फोन जैसी दिखने वाली डिवाइस होती है। जिसके जरिये आॅनलाइन पेमेंट स्वीकार किया जाता है। POS Machine की फुल फॉर्म Point of Sale Machine होता है। पीओएस मशीन के जरिये ग्राहक और कारोबारी के बीच बिना नकदी का इस्तेमाल किये पैसों का लेन—देन हो जाता है। पीओएस मशीन में लेन—देन के लिये डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है। कार्ड को स्वैप करके लेन—देन प्रक्रिया पूरी की जाती है।

पीओएस मशीन कैसे काम करती है।

पीओएस मशीन मे लेन—देन के लिये किसी भी प्रकार के डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है। जब कोई ग्राहक किसी कारोबारी से कोई प्रोडक्ट या सर्विस लेता है और बदले मे उसे भुगतान करना होता है तो वह अपने कार्ड से पीओएस मशीन की मदद से कारोबारी को पेमेंट करता है।

जब कोई ग्राहक किसी कारोबारी को नकद पेमेंट की बजाय खाते से पेमेंट करना चाहता है तो पीओएस का इस्तेमाल करता है। ग्राहक कारोबारी के पास उपलब्ध पीओएस मशीन से अपना कार्ड स्वैप करता है और अपना पिन नम्बर एण्टर करता है इसके बाद उस प्रोडक्ट या सर्विस की कीमत के बराबर की धनराशि ग्राहक के बैंक खाते से कट कर विक्रेता के खाते में चली जाती है उसके बाद पीओएस मशीन से दो रसीद जनरेट होती है जिसमे किये गये लेन—देन का विवरण होता है। एक रसीद ग्राहक को दे दी जाती है दूसरी रसीद कारोबारी अपने पास रख लेता है।

पीओएस मशीन का इस्तेमाल कहॉ कहॉ किया जाता है

अमूमन पीओएस मशीन का इस्तेमाल हर उस जगह किया जा सकता है जहॉ ग्राहक किसी प्रोडक्ट या सर्विस् को खरीदता है या भुगतान करता है जैसे:— शॉपिंग मॉल, मेडीकल स्टोर, किराने की दुकान, हॉस्पीटल आदि। अब तो पुलिस भी चालान का भुगतान बसूलने के लिये पीओएस मशीन रखने लगी है वहीं ई कॉमर्स वेबसाइट के डिलीवरी बॉयज भी कैश आॅन डिलीवरी वाले प्रोडक्ट का भुगतान लेने के लिये पीओएस मशीन का इस्तेमाल करते हैं।

पीओएस मशीन के फायदे:—

1. ग्राहक को खरीददारी करने के लिये नकद रूपये रखने की जरूरत नही पडती है। जो लोग ज्यादा शॉपिंग करते हैं उनके लिये पीओएस मशीन उपयोगी है।
2. शॉपिंग करते समय पैसे न होने की समस्या खत्म हो जाती है। ग्राहक नकद पैसे न होने के बाबजूद भी खरीददारी कर सकता है।
3. पीओएस मशीन के इस्तेमाल से खुले पैसों का झंझट खत्म हो जाता है। कई बार ग्राहक और कारोबारी के बीच खुले पैसों को लेकर समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे मे पीओएस मशीन से भुगतान करने से खुले पैसों की ​किल्लत खत्म हो जाती है।
4. किसी भी तरह के फ्रॉड की सम्भावना खत्म हो जाती है। कई बार ग्राहक और कारोबारी के बीच नोकझोक होती है ​ग्राहक कहता है कि उसने भुगतान कर दिया है जबकि कारोबार कहता है कि भुगतान नही हुआ है। ऐसे में पीओएस मशीन इस समस्या को खत्म करती है।
5. पीओएस मशीन के इस्तेमाल से ग्राहक को अपने खर्च किये गये पैसों का हिसाब किताब नही रखना पडता है। सारी जानकारी उसके बैंक स्टेटमेंट मे रिकॉर्ड हो जाती है।
6. पीओएस मशीन से होने वाले सभी ट्रान्जेक्शन एक खास प्रक्रिया से होकर गुजरते हैं जिसकी कम्प्यूटरीकृत बही खाता बन जाता है। सभी ट्रान्जेक्शन पर सरकार को टैक्स जाता है। पीओएस मशीन के इस्तेमाल से टैक्स चोरी जैसी सम्भावना ​बिल्कुल खत्म हो जाती है।

पीओएस मशीन के नुकसान

1. पीओएस मशीन को इस्तेमाल करना काफी आसान हैं लेकिन सभी लोग इसे इस्तेमाल नही कर पाते हैं।
2. पैसों के लेन—देन मे सावधानी बरतनी होती है।
3. पीओएस मशीन का इस्तेमाल खर्चीला साबित होता है। कुछ पीओएस ग्राहक से सर्विस के बदले अतिरिक्त चार्ज बसूलते हैं जबकि कुछ पीओएस फ्री होते हैं जो ग्राहक से कोई चार्ज नही लेते हैं। लेकिन वे कारोबारी से सर्विस चार्ज लेते हैं।
4. पीओएस के इस्तेमाल के लिये बैंक खाता, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड होना बहुत जरूरी है इनके बगैर पीओएस का इस्तेमाल नही किया जा सकता है।

पीओएस सेटलमेंट क्या होता है:—

ग्राहक जब पीओएस के जरिये भुगतान करता है तो ग्राहक के खाते से पैसे तो तुरन्त कट जाते हैं लेकिन कारोबारी को वो रकम तुरन्त नही मिलती है। वो रकम पहले सीधे पीओएस सर्विस प्रोवाइडर के पास जाती है जिसके बाद सर्विस प्रोवाइडर अपना शुल्क काट कर कारोबारी के खाते मे पैसे ट्रान्सफर करता है। पैसों के ट्रान्सफर होने की प्रक्रिया को सेटलमेंट कहते हैं।